

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
सुमेरपुर हमीरपुर । कस्बे में धोखाधड़ी का एक अनोखा मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने रेलवे का अधिकारी बताकर बांदा के दो अलग-अलग व्यक्तियों के रोड रोलर किराए पर लिए और एडवांस भी दिया। इसके बाद कस्बे में आकर खुद को ठेकेदार बता कर दोनों रोड रोलर 48 घंटे में कबाड़ी को बेचकर फरार हो गया। चालकों के वापस लौटने पर इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस ने कस्बे की उद्योग नगरी में बंद पड़ी एक फैक्टरी से दोनों रोड रोलर बरामद करके पुलिस चौकी में खड़ा कराया है।
बांदा के कालू कुआं निवासी उमेश गुप्ता ने बताया कि
उसके पास मोहन मिश्रा पुत्र कृष्ण कुमार मिश्रा निवासी अंबाला 30 मार्च को आकर बताया कि वह रेलवे का अफसर है। सुमेरपुर के चंदपुरवा गांव के समीप रेलवे का कार्य चल रहा है। किराए पर रोड रोलर की जरूरत है। आधार कार्ड आदि देकर 20 हजार एडवांस दिए और रोड रोलर लेकर चला आया। यहां आने पर चालक से कहा कि दो दिन बाद कार्य शुरू होगा तब आना। इस पर चालक वापस लौट गया। इसी तरह बांदा की इसी मोहाल के निवासी रामबली विश्वकर्मा ने बताया कि यही व्यक्ति उसके पास 31 मार्च को आया और खुद को लोक निर्माण विभाग का ठेकेदार बताकर किराए पर रोड रोलर मांगा और कहा कि चंदपुरवा बुजुर्ग की सड़क बनाने का कार्य मिला और 10 हजार रुपये एडवांस देकर रोड रोलर साथ ले गया और चालक को दो दिन बाद आने की बात कह कर वापस बांदा भेज दिया। दो दिन बाद जब दोनों चालक मौके पर आए तो रोड रोलर के साथ मोहन मिश्रा भी गायब मिला। चालकों ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। तब पता चला कि दोनों रोड रोलर खराब बता कर क्रेन से घसीट कर ले जाए गए हैं और कस्बे में कहीं बेंच दिए हैं। चालकों ने इसकी सूचना अपने मालिकानों को दी। सूचना पर दोनों मालिक मौके पर आए और गायब रोड रोलर की सुरागकशी की। शुक्रवार को देर रात पता चला कि दोनों रोड रोलर फैक्टरी एरिया के वैष्णवी धर्म कांटा में तौले गए। धर्म कांटा संचालक ने कबाड़ी राजेश सिंह उर्फ मामा द्वारा तौल कराने की बात बताई। उसके बाद दोनों मालिक चालकों के साथ थाने पहुंचे और घटना से पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उद्योग नगरी में बंद पड़ी एक फैक्टरी से रोड रोलर बरामद करके चौकी पर खड़ा कराया है। कबाड़ी राजेश सिंह उर्फ मामा ने बताया कि मोहन मिश्रा ने खुद को एम एस कंस्ट्रक्शन का मालिक बताकर 30 मार्च एवं एक अप्रैल को रोड रोलर बेचे हैं। इसकी रसीद भी अपनी फर्म के लेटर पैड में बना कर दी है। दोनों रोड रोलर चार लाख 29 हजार के खरीदे हैं। दोनों को क्रेन की सहायता से धर्मकांटे तक लाकर तौल कराई गई थी। दोनों को निष्प्रयोज बताया गया था। थानाध्यक्ष अनूप सिंह रोलर मालिकों को बांदा का मामला बताकर वहीं रिपोर्ट दर्ज करने को कहा है।
